दुर्गागंज क सरकारी हाता, अर्थात हमर मात्रिक आ परोपट्टा क माइल स्टोन। बड़का टा हवेली, जे कोनो महल क आभाष दैत अछि। एहिठाम रहैत छलाह हमर मातामह स्व वैद्यनाथ चौधरी आ हमर मातामही स्व प्रेमकिशोरी देवी। अपन मातामह के हम सभ बाबू कहैत छलियैन्हि आ मातामही के नानी। बाबू आ नानी क कतेको गप्प मोन पड़ैत अछि, जकर विवरण एक-एक कय अहां सभ के देब। बाबू आ नानी क हमर जीवन पर गंभीर प्रभाव अछि। कखनो एम्हर-ओम्हर भेला पर जेना ओ दूनू गोटा आबि हमरा सम्हारि लैत छथि। ई दुनू गोटा क हमर जीवन पर कतेक प्रभाव अछि, तकर आकलन शब्द में नहिं कयल जा सकैत अछि। बाबू आ नानी क महत्व बुझा पड़ल हुनका सबहक अवसान क बाद।दुर्गागंज, अर्थात, हमर मात्रिक। कटिहार जिला क कदवा प्रखंड क्षेत्र क मोहम्मदपुर पंचायत क एकटा गाम, जाहि ठाम सब किछु छैक। बैंक, पोस्ट आफिस, अस्पताल, स्कूल आ संगहि पढ़ल-लिखल लोक सभ। एहि गाम सं हमर कतेक रास संस्मरण अछि। खिस्सा क रूप में दुर्गागंज क इतिहास, भूगोल आ अन्य कतेको गप्प एहिठाम अहांके भेटत।
बुधवार, 6 जुलाई 2011
प्रारंभ सरकारी हाता सं
दुर्गागंज क सरकारी हाता, अर्थात हमर मात्रिक आ परोपट्टा क माइल स्टोन। बड़का टा हवेली, जे कोनो महल क आभाष दैत अछि। एहिठाम रहैत छलाह हमर मातामह स्व वैद्यनाथ चौधरी आ हमर मातामही स्व प्रेमकिशोरी देवी। अपन मातामह के हम सभ बाबू कहैत छलियैन्हि आ मातामही के नानी। बाबू आ नानी क कतेको गप्प मोन पड़ैत अछि, जकर विवरण एक-एक कय अहां सभ के देब। बाबू आ नानी क हमर जीवन पर गंभीर प्रभाव अछि। कखनो एम्हर-ओम्हर भेला पर जेना ओ दूनू गोटा आबि हमरा सम्हारि लैत छथि। ई दुनू गोटा क हमर जीवन पर कतेक प्रभाव अछि, तकर आकलन शब्द में नहिं कयल जा सकैत अछि। बाबू आ नानी क महत्व बुझा पड़ल हुनका सबहक अवसान क बाद।
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